अक्ष सूक्त वाक्य
उच्चारण: [ akes suket ]
उदाहरण वाक्य
- कवष के कुल मिलाकर पांच सूक्त (ऋग्वेद, मंडल 10, सूक्त संख्या 30-34) मिलते हैं जिनमें से पहला सूक्त तो अपां नपात् को ही सम्बोधित है, एक विश्वेदेवा: को समर्पित है, दो इन्द्र की स्तुति में हैं तो पांचवां वही अतिप्रसिद्ध अक्ष सूक्त (जुआरी का सूक्त) है जिसने कवष ऐलूष को बाकी वैदिक कवियों से अलग पांत में ला खड़ा किया है।